उत्तराखंड की प्रमुख नदियां:
अलकनंदा
अलकनंदा नदी का उद्गम स्थान संतनपथ शिखर है यह गंगा नदी की प्रमुख सहायक नदी में से एक है इस नदी के किनारे पंच संगम है जिन्हें पंचप्रिया कहा जाता है पहले संगम अलकनंदा नदी और धौली गंगा के बीच है जिसे विष्णु प्रिया कहते हैं दूसरा संगम अलकनंदा नदी और नंदाकिनी नदी के साथ है जिसे नंद प्रिया कहते हैं तीसरा संगम अलकनंदा नदी और पिंडर नदी के बीच है जिसे चौथा संगम बांदा की की नदी के साथ है जिसे रूद्र प्रिया कहते हैं और पांचवा संगम भागीरथी नदी के साथ है जिसे देवप्रयाग कहते हैं यह नदी बद्रीनाथ के पास तथा नंदा देवी पर्वतों के पास से निकलती है
काली नदी
इसका उद्गम काला पानी से होता है उत्तराखंड में से काली नदी के नाम से जाना जाता है तथा तराई और नेपाल में से शारदा नदी के नाम से जाना जाता है यह नदी काला पानी से निकलकर धारचूला टनकपुर और नेपाल के कई हिस्सों से गुजरती है बाद में यह उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में प्रवेश करती है और घाघरा नदी से जाकर मिल जाती है जिसे सरयू भी कहा जाता है
कोसी
इसका उद्गम स्थान कौसानी तथा बिनसर की पहाड़ियां है यह नदी अल्मोड़ा जिले से बहते हुए नैनीताल और आसपास के क्षेत्र में जल की आपूर्ति करती है यह नदी नेपाल से निकलने वाली सप्तकोशी नदी नहीं है जिसे बिहार के शौक के नाम से जाना जाता है यह उत्तराखंड की एक छोटी नदी है जबकि नेपाल से निकलने वाली कोसी नदी एक लंबी तथा बड़ी नदी है जिसे बिहार के शौक के रूप में जाना जाता है जिसकी वजह से बिहार में हर वर्ष बाढ़ आती है
धौली गंगा
इस नदी का उद्गम स्थल त्रिशूल पर्वत श्रृंखला और नंदा देवी ग्लेशियर क्षेत्र में स्थित है यह नदी हिमालय के पश्चिमी छोर से प्रारंभ होकर सक्रिय घाटियों और कड़ी ढलनों से गुजरती है यह नदी विष्णु प्रयाग में अलकनंदा नदी से मिलती है जो पांच प्रयागों में से एक प्रयाग है इस नदी पर धौली गंगा जल विद्युत परियोजना स्थापित की गई है
मंदाकिनी नदी
यह नदी रुद्रप्रयाग जिले में स्थित चौराबादी ग्लेशियर से निकलती है यह नदी केदारनाथ मंदिर के पास से बहती है यह नदी सोनप्रयाग में काली नदी से मिलती है आगे चलकर यह नदी रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का संगम अलकनंदा नदी के साथ होता है जो बाद में गंगा नदी के नाम से जानी जाती है
नंदाकिनी नदी
नंदाकिनी नदी नंदा घूमती पर्वत के घिलेश्वर से निकलती है जो हिमालय के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्थित है यह नदी पहाड़ी मार्गो से चमोली जिले में प्रवेश करती है तथा नंदप्रयाग में अलकनंदा नदी के साथ मिलती है जो पांच प्रयागों में से एक है
सरयू नदी
सरयू नदी का उद्गम स्थल काली नामक पर्वत तथा supi /सरयू ग्लेशियर से होता है यह उत्तराखंड में बागेश्वर कप कोतवाल क्षेत्र से होकर बहती है तथा उत्तर प्रदेश में गोंडा व बहराइच जैसे चित्रों से गुजरती है बागेश्वर शहर में सरयू नदी गोमती नदी से मिलती है और आगे चलकर यह घाघरा नदी के रूप में जानी जाती है बागेश्वर में इनके संगम स्थल पर बागेश्वर मंदिर भी है जो भगवान शिव को समर्पित है
0 टिप्पणियाँ